राजस्थान विश्वविद्यालय के संगीत विभाग एवं नाट्यकुलम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नाट्य–शास्त्रीय कार्यशाला
कार्यशाला की अवधि 1 मई 2024 से 31 जुलाई 2024 तक होगी|

राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के संगीत विभाग एवं नाट्यकुलम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नाट्य-शास्त्रीय-कार्यशाला|
नियमावली
1. कार्यशाला की अवधि 1 मई 2024 से 31 जुलाई 2024 तक होगी।
2. कार्यशाला के अन्तर्गत एक शास्त्रीय नाटक का मंचन होगा, जिसमें यथासंभव सभी प्रतिभागियों को योग्यता के अनुसार भाग लेने का अवसर मिलेगा।
3. तीन माह की इस कार्यशाला का प्रशिक्षण शुल्क 5,000/- (रु. पाँच हज़ार केवल) होगा। यह राशि प्रतिभागियों को चयन के तुरन्त पश्चात बैंक ड्राफ़्ट अथवा बैंक ट्रांस्फ़र के माध्यम से ’संगीत विभाग, शास्त्रीय नाट्य कार्यशाला के नाम से जमा करानी होगी। शुल्क राशि जमा कराने के पश्चात ही प्रतिभागी को कार्यशाला में प्रवेश मिल सकेगा।
4. आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के प्रार्थियों को योग्यता एवं प्रतिभा के आधार पर निःशुल्क प्रवेश मिल सकेगा।
5. प्रतिभागियों की आयु 16 वर्ष से लेकर 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए। विशेष योग्यता वाले प्रतिभागियों को आयु सीमा में छूट दी जा सकती है।
6. शैक्षणिक योग्यता कम से कम 12वीं अथवा उसके समकक्ष परीक्षा में उत्तीर्ण हों। संगीत, नृत्य, अभिनय, चित्रकला, साहित्य आदि विषयों में विशेष रूचि रखने वाले आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
7. कार्यशाला में अधिकतम 25 प्रशिक्षुओं को प्रवेश मिल सकेगा। आवेदक की कला सम्बन्धी योग्यता एवं प्रतिभा के आधार पर ही चयन होगा। प्रतिभाशाली आवेदकों की वरीयता के आधार पर सूची तैयार की जाएगी। रिक्त स्थानों की पूर्ति के लिए प्रतीक्षारत आवेदकों को अवसर दिया जाएगा।
8. प्रत्येक प्रतिभागी को अनुशासित एवं नियमित रहना अनिवार्य होगा। अनुशासन हीन, अनियमित तथा मर्यादा भंग करने वाले प्रतिभागी को कार्यशाला से तुरन्त निष्कासित कर दिया जाएगा।
9. प्रत्येक प्रतिभागी को कार्यशाला के नोट्स रखने के लिए लेखन सामग्री निःशुल्क वितरित की जाएगी।
प्रेस नोट
नाट्य शास्त्रीय कार्यशाला संगीत विभाग में 1 मई से, वरिष्ठ रंगकर्मी और नाटय निर्देशक भारत रत्न भागर्व करेंगे संचालन।
राजस्थान विश्वविद्यालय संगीत विभाग एवं नाट्यकुलम संस्थान जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में त्रिमासीय प्रस्तुति परक नाटय शास्त्रीय कार्यशाला आयोजित की जायेगी।
विभाग की हेड,प्रोफेसर वंदना कल्ला ने बताया कि कार्यशाला के संचालक संगीत नाटक अकादेमी नई दिल्ली से अमृत पुरस्कार प्राप्त प्रसिद्ध रंगकर्मी नाटय निर्देशक व लेखक आचार्य भारत रत्न भार्गव होंगे। इस अवसर पर भारत रत्न भार्गव ने कहा कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय रंगमंच से जोड़ना है। कार्यशाला में विद्यार्थियों को नाट्यशास्त्र के सैद्धांतिक और प्रयोग पक्ष पर प्रशिक्षित किया जायेगा कार्यशाला मे एक संस्कृत नाटक तैयार करवाया जायेगा जिसका मंचन भी किया जायेगा।,इस अवसर पर प्रोफेसर प्रभा भारद्वाज भी उपस्थित रही।
कार्यशाला के समन्वयक शास्त्रीय संगीत और नाटक के शोधार्थी जीतेन्द्र जीतेन्द्र शर्मा करेंगे।
कार्यशाला में प्रवेश कें लिये शास्त्रीय नाटय सीखने के इच्छुक विधार्थी संगीत विभाग राजस्थान विश्वविद्यालय से सपंर्क कर सकते है। प्रवेशार्थियों के चयन का आधार साक्षात्कार रहेगा।
https://dainik-b.in/7QxfRG8BTIb